Sunday, 24 February 2013

एयर इंडिया के लाइसेंसप्राप्‍त कर्मचारियों के वेतन में संशोधन


PIB
आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति ने अनुमोदित किया है कि लोक उद्यम विभाग के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत देय वेतन और भत्‍तों के अलावा कर्मचारियों को धर्माधिकारी समिति की सिफारिशों के अनुसार विमान चालकों के वरिष्‍ठता क्रम की दरों पर उड़ान भत्‍ता भी दिया जायेगा। विमान चालकों को ले ओवर भत्‍ते और विशेष भत्‍ते भी दिए जायेंगे। जो विमान चालक चौडे विमान उड़ा रहे हैं, उन्‍हें वाइड बॉडी एलाउंस भी देय होगा। विमान अनुरक्षण इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों को उनके ग्रेड, वरिष्‍ठता क्रम और योग्‍यता स्‍तर के आधार पर एक विशेष भत्‍ता भी दिया जायेगा। योग्‍यता स्‍तर में विशेष ड्यूटी करने के लिए वे जितने लाइसेंस प्राप्‍त करेंगे, वे शामिल किये जायेंगे।

इसी तरह से केबिन क्रू को भी अतिरिक्‍त वेतन और भत्‍ते लोक उद्यम विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिये जायेंगे लेकिन यह विमान चालकों के वरिष्‍ठता क्रम और एयर इंडिया में प्रचलित स्‍लैब सीनियरिटी सिस्‍टम पर निर्भर करेगा। आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति ने यह भी अनुमोदन किया है कि ले ओवर भत्‍ते की दर वही होगी जो भारत सरकार के नियमों के अनुसार डेली अलाउंस की है। इस बात को ध्‍यान में रखते हुए कि उड्डयन क्षेत्र बहुत प्रतिस्‍पर्धात्‍मक और गतिशील है, यह भी अनुमोदित किया गया है कि भविष्‍य में एयर इंडिया का प्रबंधन समय-समय पर लाइसेंसप्राप्‍त वर्ग के कर्मचारियों के भत्‍ते एवं अन्‍य लाभों का मूल्‍यांकन करेगा। लाइसेंस प्राप्‍त कर्मचारियों के वर्ग का बाजार में प्रचलित मानक इसका आधार होगा। स्‍वीकृति से पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय का अनुमोदन प्राप्‍त किया जायेगा।

वर्ष 2007 में पहले वाली कंपनियों एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद 18 से 24 महीनों के अंदर दोनों विमान कंपनियों में प्रचलित विभिन्‍न कार्यविधियों को एकीकृत किया जाना था। इनमें से एक महत्‍वपूर्ण क्षेत्र दोनों विमान कंपनियों के मानव संसाधन का एकीकरण था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक सेवानिवृत जज, न्‍यायमूर्ति डी एम धर्माधिकारी की अध्‍यक्षता में बाहरी विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जिसे कंपनी के विलय से सं‍बंधित अनेक मुद्दों पर सिफारिशें करनी थी। समिति ने 31-12-2012 को अपनी रिपोर्ट प्रस्‍तुत की। इस पर तीन सदस्‍यों वाली एक समिति ने आगे विचार किया और सिफारिशों को लागू करने के लिए समय तालिका की सिफारिश की। इस समिति ने 31 मई 2012 तक अपनी रिपोर्ट पेश की। दोनों कंपनियों का विलय 1-4-2007 को हुआ था और इसी तारीख को पूर्व विमान कंपनियों में सिफारिशें लागू करने की प्रभावी तारीख माना गया।